उत्तर प्रदेश की राजनीति एक बार फिर गर्म हो गई है। नकली नोट मामले में सपा नेता का नाम सामने आने के बाद भाजपा ने तीखा हमला बोला है, जिससे सियासी माहौल और गरमा गया है। देवरिया में नकली नोट बनाने के मामले में पुलिस कार्रवाई के बाद अब यह मुद्दा राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। BJP का सपा पर तीखा हमला भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने समाजवादी पार्टी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि “लाल टोपी वाले नकली नोटों के धुरंधर हैं।” उन्होंने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि इस गिरफ्तारी ने सपा के चरित्र को उजागर कर दिया है। उनके मुताबिक, नकली नोटों का कारोबार देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाला गंभीर अपराध है। अखिलेश यादव से मांगा जवाब पंकज चौधरी ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि क्या ऐसे मामलों में शामिल लोगों को भी राजनीतिक संरक्षण मिलेगा? उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सत्ता के लिए कानून व्यवस्था और राष्ट्रीय हित को नजरअंदाज करती रही है। क्या है पूरा मामला प्रयागराज में पकड़े गए 1.18 लाख रुपये के नकली नोटों के मामले में देवरिया निवासी सपा नेता विवेक यादव का नाम सामने आया है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि वह कथित तौर पर नकली नोट बनाने के नेटवर्क का मुख्य संचालक है। इस गिरोह में कई अन्य लोग भी शामिल बताए जा रहे हैं। कैसे हुआ खुलासा पुलिस ने खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। आरोपियों के पास से नकली नोट, प्रिंटिंग उपकरण, लैपटॉप और अन्य सामग्री बरामद की गई है। मुख्य आरोपी की तलाश जारी है। क्यों अहम है यह मामला यह मामला सिर्फ अपराध तक सीमित नहीं है, बल्कि अब राजनीतिक मुद्दा बन चुका है। नकली नोटों का नेटवर्क देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा दोनों के लिए खतरा माना जाता है। ऐसे में इस पर सियासी बयानबाजी आने वाले समय में और तेज हो सकती है।
लेखक

आरती तिवारी

झांसी और बुंदेलखंड की राजनीतिक और जमीनी रिपोर्टिंग।