झांसी शहर के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। बढ़ते ट्रैफिक और जाम की समस्या से जूझ रहे शहर को अब 631 करोड़ रुपये के ग्रीनफील्ड बाईपास की सौगात मिली है। इस परियोजना से न सिर्फ ट्रैफिक दबाव कम होगा, बल्कि हाईवे कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी। केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद अब इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को जल्द जमीन पर उतारने की तैयारी शुरू हो गई है। 15.5 किलोमीटर लंबा होगा बाईपास सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की योजना के अनुसार यह बाईपास एनएच-44 पर बंगाय खास गांव से शुरू होकर एनएच-39 पर ओरछा तिगैला तक जाएगा। करीब 15.572 किलोमीटर लंबे इस चार लेन बाईपास का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया जाएगा। इसे ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। 631 करोड़ की लागत, काम पर निगरानी इस परियोजना पर कुल 631.73 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसमें निर्माण कार्य की लागत लगभग 427 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। परियोजना को उच्च स्तरीय समिति की निगरानी में पूरा किया जाएगा। हालांकि, पर्यावरणीय मंजूरी को लेकर स्थिति अभी साफ नहीं है। शहर के जाम से मिलेगी बड़ी राहत बाईपास बनने के बाद भारी वाहन शहर के अंदर प्रवेश किए बिना सीधे गुजर सकेंगे। इससे झांसी के भीतर लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम में कमी आने की उम्मीद है। खासकर ललितपुर से कानपुर जाने वाले वाहनों को बड़ा फायदा मिलेगा। यूपी और एमपी के बीच बेहतर कनेक्टिविटी यह बाईपास उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच आवागमन को और आसान बनाएगा। इसके चलते व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, यात्रियों को करीब 25 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी। जनप्रतिनिधियों ने जताई खुशी परियोजना को मंजूरी मिलने पर स्थानीय सांसद अनुराग शर्मा ने खुशी जताई और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से इस बाईपास की मांग की जा रही थी, जिसके पूरा होने से बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
लेखक

नेना सिंह

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