देलखंड एक्सप्रेसवे पर मासूम की जान ले गया हादसा – परिवार सदमे में
बांदा, 5 अप्रैल 2026: कल दोपहर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में सिर्फ 5 साल की आदित्री शर्मा की मौत हो गई। उसकी मां जानकी शर्मा गंभीर रूप से घायल हैं और उन्हें रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। दादी-नानी भी चोटिल हुईं। पूरा परिवार बेहद सदमे में है क्योंकि आदित्री परिवार की इकलौती बेटी थी।
यह हादसा बांदा जिले में देहात कोतवाली क्षेत्र के जमालपुर गांव के पास एक्सप्रेसवे के 55 किलोमीटर पर कट मार्ग (सर्विस लेन) की ढाल पर हुआ। स्थानीय लोगों और अन्य ड्राइवरों ने तुरंत मदद की और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
हादसा कैसे हुआ? पूरी घटना
शनिवार 4 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 2 बजे गोपाल कृष्ण शर्मा अपनी बहू जानकी शर्मा (32 वर्ष) और नातिन आदित्री शर्मा को लेकर चंदौली जिले के अपने गांव भैसौर से महोबा जिले के श्रीनगर जा रहे थे। गोपाल कृष्ण शर्मा नमामि गंगे परियोजना से जुड़े एक ठेकेदार हैं।
कार कट मार्ग की ढाल पर लगभग 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से जा रही थी। अचानक कार अनियंत्रित हो गई और पलट गई। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि ड्राइवर पानी की बोतल पीने के दौरान ध्यान भटका हो सकता है। कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
आसपास के वाहन चालकों ने चीख-पुकार सुनकर तुरंत मदद की। UPEDA की एंबुलेंस ने घायलों को बांदा जिला अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने आदित्री को मृत घोषित कर दिया। जानकी की हालत गंभीर बताई गई, इसलिए उन्हें उच्च चिकित्सा सुविधा के लिए रेफर किया गया। गोपाल कृष्ण शर्मा को हल्की चोटें आईं।
पुलिस ने पंचनामा किया और शव का पोस्टमॉर्टम कराया। एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक बहाल करने के लिए क्षतिग्रस्त कार को जेसीबी की मदद से हटाया गया।
पीड़ित परिवार की जानकारी
- मृतका: आदित्री शर्मा (5 वर्ष) – परिवार की इकलौती बेटी
- गंभीर घायल: जानकी शर्मा (32 वर्ष) – आदित्री की मां
- हल्के घायल: गोपाल कृष्ण शर्मा (55 वर्ष) – ठेकेदार, दादा
- अनुपस्थित: भारतेंदु शर्मा (पिता) – पहले से श्रीनगर में थे
परिवार चंदौली जिले के भैसौर गांव का रहने वाला है। हादसे की खबर सुनकर रिश्तेदार अस्पताल पहुंचे और रो-रोकर बुरा हाल था।
बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर बढ़ते हादसे – स्थानीय कोण
बुंदेलखंड क्षेत्र में एक्सप्रेसवे विकास के साथ-साथ हादसों की संख्या भी बढ़ रही है। ढाल वाले कट मार्ग, तेज रफ्तार और कभी-कभी ड्राइवर की लापरवाही इन हादसों की बड़ी वजह बन रही है। बांदा सहित झांसी, महोबा, ललितपुर जैसे जिलों में लोग एक्सप्रेसवे को विकास का प्रतीक मानते हैं, लेकिन सुरक्षा को लेकर चिंता जताते रहते हैं।
स्थानीय लोग कहते हैं कि कट मार्गों पर स्पीड ब्रेकर, बेहतर साइनेज और पैट्रोलिंग बढ़ाने की जरूरत है ताकि ऐसी छोटी-छोटी गलतियों से बड़ी जानें न जाएं।
हादसों से जुड़े कुछ आंकड़े (पिछले वर्षों के आधार पर)
| विवरण | संख्या/जानकारी |
|---|---|
| हादसे का स्थान | 55 किमी, कट मार्ग, बांदा |
| गति | लगभग 50 किमी/घंटा |
| मृतक | 1 (5 वर्षीय बच्ची) |
| गंभीर घायल | 1 (मां) |
| हल्के घायल | 1 (दादा) |
| कार की स्थिति | बुरी तरह क्षतिग्रस्त |
ड्राइवरों के लिए 5 जरूरी टिप्स (सुरक्षा बचाव)
- एक्सप्रेसवे की ढाल वाले हिस्सों पर स्पीड हमेशा नियंत्रित रखें, खासकर कट मार्ग पर।
- ड्राइविंग के दौरान मोबाइल, पानी पीना या कोई भी डिस्ट्रैक्शन अवॉइड करें।
- सीट बेल्ट और बच्चों के लिए चाइल्ड सीट का इस्तेमाल जरूर करें।
- थकान महसूस हो तो ब्रेक लें, लगातार लंबी ड्राइविंग खतरनाक हो सकती है।
- एक्सप्रेसवे पर इमरजेंसी नंबर और एंबुलेंस लोकेशन पहले से सेव कर रखें।
ये छोटी-छोटी सावधानियां बड़ी दुर्घटनाओं से बचा सकती हैं।
FAQs
1. हादसा कब और कहां हुआ? शनिवार 4 अप्रैल 2026 को दोपहर करीब 2 बजे बांदा के जमालपुर के पास बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के 55 किमी पर।
2. मृतका का नाम क्या है और उसकी उम्र कितनी थी? आदित्री शर्मा, उम्र 5 वर्ष। वह परिवार की इकलौती बेटी थी।
3. घायलों की क्या स्थिति है? मां जानकी शर्मा गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर की गई हैं। दादा गोपाल कृष्ण शर्मा हल्के घायल हैं।
4. पुलिस ने क्या कार्रवाई की? पुलिस ने पंचनामा किया, शव का पोस्टमॉर्टम कराया और सड़क को जल्द साफ किया।
5. क्या ड्राइवर पर कोई केस दर्ज हुआ? फिलहाल सिंगल व्हीकल एक्सीडेंट माना जा रहा है। आगे जांच चल रही है।
यह दर्दनाक हादसा हमें याद दिलाता है कि विकास के साथ सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है। बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर बेहतर सेफ्टी मेजर्स की मांग स्थानीय स्तर पर जोर पकड़ रही है।
परिवार के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं। आदित्री की आत्मा को शांति मिले।

