--विज्ञापन यहां--

झांसी के गरिया रेलवे डैम में दर्दनाक हादसा: पिकनिक बनी मौत का कारण, दो छात्रों की डूबकर मौत

On: April 6, 2026 5:38 PM
हमें फॉलो करें:
झांसी डैम हादसा: पिकनिक बनी मौत, 2 छात्रों की दर्दनाक मौत
--विज्ञापन यहां--

Whatsapp Channel

Join Now

चार दोस्तों की मस्ती भरी पिकनिक अचानक मातम में बदली, दो की जान गई, दो को बचाया गया

झांसी के बबीना क्षेत्र स्थित गरिया रेलवे डैम में रविवार शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जहां चार छात्र पिकनिक मनाने पहुंचे थे लेकिन यह मौज-मस्ती मौत के जाल में बदल गई। इस घटना ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया है और परिवारों में मातम पसरा हुआ है।

कैसे हुआ हादसा: पिकनिक से मौत तक का सफर

रविवार करीब शाम 4 बजे, माउंट लिटेरा ज़ी स्कूल के चार छात्र बाइक से अथोडना गांव के रास्ते गरिया रेलवे डैम पहुंचे। बताया जा रहा है कि वे ट्यूशन के बहाने निकले थे, लेकिन पिकनिक के लिए डैम पर चले गए।

चारों छात्र नाव के जरिए डैम के बीच पहुंचे, लेकिन अचानक संतुलन बिगड़ने या पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण चारों डूबने लगे। मौके पर कोई सुरक्षा इंतजाम नहीं था, जिससे स्थिति और भयावह हो गई।

हीरो बनकर उभरा चरवाहा: दो छात्रों की बची जान

घटना के समय पास ही लगभग 100 मीटर दूरी पर बकरियां चरा रहे स्थानीय चरवाहा कल्लू केवट ने छात्रों की चीखें सुनीं। बिना देर किए उन्होंने पास में मौजूद नाव उठाई और डैम के बीच पहुंचे।

कल्लू केवट ने बहादुरी दिखाते हुए श्रवण तिवारी और शौर्य को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन अफसोस कि वेदांश यादव और आतिफ मंसूरी को बचाने में सफल नहीं हो सके।

उनकी यह बहादुरी अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।

डूबने वाले छात्रों की पहचान और पारिवारिक पृष्ठभूमि

इस हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों की पहचान:

  • वेदांश यादव (18 वर्ष) — प्रेमगंज निवासी, पिता का पहले ही निधन हो चुका है, मां कृषि विभाग में कार्यरत
  • आतिफ मंसूरी (19 वर्ष) — नूरनगर नगरा निवासी, पिता रेलवे कॉन्ट्रैक्ट में काम करते हैं

वहीं, बचाए गए छात्रों में:

  • श्रवण तिवारी (19 वर्ष)
  • शौर्य (18 वर्ष)

घटना के बाद दोनों मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया है और पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई है

पुलिस और राहत टीम का एक्शन: तीन घंटे की तलाश भी रही बेकार

घटना की सूचना मिलते ही सदर और सिटी पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे। क्षेत्राधिकारी रामवीर सिंह ने तत्काल फायर ब्रिगेड को बुलाया।

करीब 3 घंटे तक चली सर्च ऑपरेशन के बावजूद दोनों छात्रों का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद जालौन से SDRF टीम को बुलाया गया, जो अगले दिन सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन करेगी।

पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर कार्रवाई की जा रही है

सवालों के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था

यह हादसा एक बार फिर झांसी के डैम और जलाशयों में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलता है। पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जहां बिना सुरक्षा के लोग पानी में उतर जाते हैं और हादसे का शिकार बनते हैं

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि डैम के आसपास सुरक्षा गार्ड, चेतावनी बोर्ड और नाव संचालन पर सख्त नियम लागू किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।

पूरे इलाके में शोक और डर का माहौल

इस घटना के बाद प्रेमगंज और नूरनगर इलाकों में मातम पसरा हुआ है। परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे शहर में इस हादसे को लेकर गहरा दुख और आक्रोश देखा जा रहा है।

यह हादसा न सिर्फ एक त्रासदी है, बल्कि यह भी बताता है कि थोड़ी सी लापरवाही कैसे जिंदगी भर का दर्द बन सकती है

Shabd Sachkapor

Shabd Sachkapoor ek experienced blogger hain, jo Bundelkhand region ki ground-level news ko accurate aur simple tareeke se present karte hain. Inka main objective hai local issues ko national level tak pahunchana, taaki unhe sahi pehchaan aur importance mil sake.Experience: ✍️ 5+ saal ka blogging experience

व्हाट्सएप से जुड़ें

अभी जुड़ें